मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि खाद कारखाना के रूप में गोरखपुर में पहली बार आठ हजार करोड़ रुपये का निवेश आया है। खाद कारखाना शुरू होने के साथ ही स्किल डेवलपमेंट सेंटर भी शुरू किया जाएगा। खाद कारखाना से किसानों को समय से यूरिया मिलेगी तो युवाओं को रोजगार। स्किल डेवलपमेंट सेंटर से युवाओं को खाद कारखाना के साथ ही बाहर भी रोजगार मिलेगा। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) का भी काम अंतिम चरण में है।

खाद कारखाना का निरीक्षण के बाद पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1990 में खाद कारखाना बंद हुआ था। 26 वर्ष बाद वर्ष 2016 में नए खाद कारखाना का शिलान्यास कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को साकार किया था। किसानों को समय से खाद एवं रसायन के लिए देश पर ही निर्भर रहने के लिए प्रधानमंत्री ने क्षमता विकसित की। वर्ष 2018 में खाद कारखाना का काम शुरू हुआ। एक वर्ष से देश और दुनिया महामारी से जूझ रहे हैं। इसके बाद भी  हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड (एचयूआरएल) की प्रगति संतोषजनक है।