सेवा में,

राज्य निर्वाचन आयुक्त

उ0प्र0 लखनऊ


विषय: पीलीभीत जिला प्रशासन द्वारा पंचायत चुनावों की मतगणना में साजिशन गड़बड़ी किये जाने के सम्बंध में।

महोदय,

जनपद पीलीभीत के वार्ड संख्या 27 में श्रीमती जगदेई पत्नी आनंद कुमार निवासी ग्राम रम्पुरा नत्थू वि.ख. बरखेड़ा पीलीभीत जिला पंचायत सदस्य के पद पर निर्वाचित हुई थी, इस आश्य का निर्वाचन प्रमाणपत्र भी अपर जिलााधिकारी (न्यायिक) द्वारा दिनांक 05-05-2021 को निर्गत किया गया था। परंतु अचानक ही दिनांक 07-05-2021 को अपर जिलााधिकारी (न्यायिक) देवेन्द्र प्रताप मिश्रा द्वारा वार्ड संख्या 27 में पुनः मतगणना के नाम पर नवनिर्वाचित श्रीमती जगदेई के स्थान पर एक अन्य प्रत्याशी श्रीमती मिथलेश को विजयी घोषित कर दिया गया। 

जिला प्रशासन द्वारा इस प्रकार के निर्वाचन सम्बंधी संशोधन आदेशों से जीते हुये उम्मीदवारों को सत्ताधारी दल के दबाव में जानबूझ कर हराये जाने की साजिश की जा रही है, जो कि नियम, विधि एवं न्याय विरूö है। सत्ता के दबाव में जिला प्रशासन द्वारा लोकतंत्र की हत्या की जा रही है। समाजवादी पार्टी को यह भी शक है कि इस प्रकार के पंचायत निर्वाचन/मतगणना  सम्बंधी आदेशों से अन्य वार्डों में भी साजिश की जा सकती है जिससे कि सत्ताधारी दल का राजनैतिक हित साधा जा सके। सपा की यह दलील है कि 2 मई 2021 को शुरू हुई पंचायत मतगणना के निर्वाचन  सम्बंधी प्रमाणपत्र काफी देरी से 4-5 मई की मध्यरात्रि से बांटना शुरू किये गये । सपा समर्थित उम्मीदवार वार्ड संख्या 21 व 22 से विजयी रहे जिनको प्रमाणपत्र हेतु रात भर रोक कर दूसरे दिन जिला मुख्यालय पर अन्य उम्मीदवारों को निर्वाचन प्रमाणपत्र जारी कर दिये गये। अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) के आदेश दिनांक 07-05-2021 में हारे हुये प्रत्याशी की ओर से आपत्ति पर पुनः मतगणना का उल्लेख है, जबकि अन्य वार्डों से भी पुनः मतगणना की आपत्तियाँ दी गयीं जिस पर कोई सुनवायी नही हुयी।

अतः समाजवादी पार्टी पीलीभीत की यह मांग करती है कि उपरोक्त की भांति वार्ड संख्या 21 व 22 में भी पुनः मतगणना का आदेश किया जाये एवं लोकतंत्र का गला घोंटने वाले पीलीभीत जिला प्रशासन के दोषी अधिकारियों को दण्डित किया जाये।


यूसुफ कादरी 

जिलामहासचिव 

समाजवादी पार्टी 

पीलीभीत