केआर पेपर मिल से निकलने वाला जहरीला धुआं व गंदे नाले का पानी के कारण, ग्रामीणों में आक्रोश


 शासन-प्रशासन केआर पेपर मिल  के कारण वायु प्रदूषण, जल प्रदूषण नियंत्रण पर नहीं दे रही है ध्यान


 जमौर/शाहजहांपुर! रिपोर्ट सिरीष शुक्ला



जनपद शाहजहांपुर उत्तर प्रदेश में विख्यात शहीदों की नगरी शाहजहांपुर को कह जाने वाले  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के माध्यम से स्वच्छता अभियान के तहत चलाई जा रही योजना पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है जनपद के शासन प्रशासन दोनों नहीं दे रहे हैं ध्यान, आप सभी को विस्तार पूर्वक बताते चलें कि केआर पल्प एंड पेपर मिल के कारण हुई ग्राम जमौर में मुस्लिम समुदाय की जानवर की हत्या 3 दिन  पूर्व दिनांक 22 मई को केआर पेपर मिल से निकलने वाला गंदा पानी मलबे में फंस कर भैंस की मृत्यु हो गई थी, लगभग 40,000 का नुकसान हुआ है, इस  नुकसान की जिम्मेदारी किसकी होगी! जमौर ग्राम वासियों का आरोप है कि केआर पेपर मिल के निकलने वाला जहरीला धुँआ का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है! फैक्ट्री से निकलने वाला जहरीला धुँआ जमौर में कई लोगों की सांस की दिक्कत बन चुकी है! एक तरफ प्रदेश में कोरोना का कहर लगातार जारी, यूपी खतरे से बाहर नहीं है बल्कि अन्य बीमारी ब्लैक फंगस जैसी जन्म ले रहे हैं!  तो दूसरी तरफ केआर पेपर मिल के आसपास के ग्रामवासी प्रदूषणयुक्त फैक्ट्री काफी  परेशानीयों का सामना करना पड़ रहा है केआर पेपर मिल से निकलने वाली राख, दिन रात काफी तेज मात्रा में उड़ाई जाती है जिससे कि जमौर के कई ग्रामवासी आंख से पीड़ित हैं! क्षेत्रीय विधायक मानवेंद्र की जिम्मेदारी बनती है कि हमारा क्षेत्र स्वच्छ रहना चाहिए मुख्यमंत्री द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की उड़ा रहे है धज्जियां जबकि जमौर के सभी ग्रामवासियों ने क्षेत्रीय विधायक को वोट दिया जीतने के बाद 5 वर्ष होने जा रहे हैं लेकिन अभी तक क्षेत्र में किसी भी प्रकार का ना तो विकास हुआ है और ना ही समस्याओं का निवारण हुआ है! जनपद के जिला अधिकारी की जिम्मेदारी बनती है कि एक बार केआर फैक्ट्री के निकट जो भी ग्राम है उनका एक बार निरीक्षण करना चाहिए था लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हुआ है अगर यह जिम्मेदारी शासन प्रशासन नहीं निभा सकता तो ग्राम वासियों का कहना है कि बहुत जल्द समस्याओं का काला चिट्ठा प्रधानमंत्री तक पहुंचाएंगे!